तपागच्छाचार्य, अनेक प्राचीन तीर्थोद्धारक पूज्य गच्छाधिपति गुरुदेव राजयशसूरीश्वरजी म.सा. की प्रेरणादायी जीवन गाथा 3 व्यापक विहार और दूरदर्शी शासनप्रभावना पूज्य गच्छाधिपति गुरुदेव राजयशसूरीश्वरजी महाराज साहेब ने अपने जीवनकाल में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल सहित भारत के अनेक प्रदेशों में विहार-विचरण कर जिनशासन की धर्मध्वजा… Continue reading व्यापक विहार और दूरदर्शी शासनप्रभावना
Category: जीवन गाथा
तपागच्छाचार्य, अनेक प्राचीन तीर्थोद्धारक पूज्य गच्छाधिपति गुरुदेव *राजयशसूरीश्वरजी म.सा.* की प्रेरणादायी *जीवन गाथा*
मुमुक्षु रमेशभाई से मुनि राजयशविजयजी और फिर आचार्यपद तक
गुरुभगवंतों की प्रेरणा और माता-पिता के मंगलमय आशीर्वाद से मुमुक्षु रमेशभाई ने मात्र 19 वर्ष की युवावस्था में, वि सं 2020 माघ ( फागन) कृष्णा 5 दि 2 फरवरी 1964 के दिन मुंबई के लालबाग में संयम जीवन स्वीकार किया और पूज्य आचार्यदेव विक्रमसूरीश्वरजी के शिष्य मुनि राजयशविजयजी के रूप में आत्मकल्याण की महान यात्रा… Continue reading मुमुक्षु रमेशभाई से मुनि राजयशविजयजी और फिर आचार्यपद तक
भाग 1 : वैज्ञानिक बनने का संकल्प… आत्मज्ञानी बनने की यात्रा
पूज्य गच्छाधिपति गुरुदेव राजयशसूरीश्वरजी महाराज साहेब का जन्म गुजरात के नडियाद शहर में वि• सं• 2001 चैत्र (वैशाख) कृष्णा 10 दि• 7 मई 1944 के पावन दिन हुआ। यह वही पावन दिन है, जिस दिन श्री सिमंधरस्वामीजी आदि 20 विहरमान परमात्मा का जन्म कल्याणक है I गुरुदेव के सौभाग्यशाली माता-पिता का नाम सौभाग्यशाली धर्मप्रेमी दंपति श्रीमती सुभद्राबेन एवं श्रीमान जिनदासभाई शाह था I
